सीएम, डीएम और 27 मौंतें

हरिद्वार की घटना से त्रिवेंद्र रावत सरकार सीधे सवालों के घेरे में है. इस घटना के बाद, हरिद्वार की झबरेड़ा सीट से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने बयान दिया है कि हरिद्वार में शराब माफिया का दबदबा है. सत्ताधारी पार्टी के विधायक का यह बयान तो राज्य सरकार को ही कटघरे में खड़ा करता है कि सरकार की नाक के नीचे शराब माफिया का दबदबा कैसे है?या तो सरकार कमजोर है या फिर माफिया से उसकी साँठगाँठ है ?
-इन्द्रेश मैखुरी


ज़हरीली शराब पीने से रुड़की और सहारनपुर में कई लोगों की जाने चली गयी. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के इस सीमावर्ती क्षेत्र में शराब की बिक्री धड़ल्ले से होने की बात भी सामने आई है. लोगों के शराब पी कर मरने के चलते इस कारोबार का खुलासा हो गया. अवैध शराब रोकने के लिए एक पूरा तंत्र है, जिसमें आबकारी और पुलिस शामिल हैं. उसके बावजूद अवैध शराब  बिकती है तो साफ है कि उस तंत्र की मिलीभगत से ही बिकती है.

वैसे जो शराब "वैध" भी है, उसकी गुणवत्ता के बारे में भी क्या कहा जा सकता है? उसे बेचने की जगहें भी तो निहायत ही गंदी और घटिया ही नज़र आती हैं. हर "वैध" दुकान में सेल्समैन के तौर पर 10-15 गुंडे किस्म के मुस्टंडे आम तौर रहते हैं. इन मुस्टंडों का पेट उसी दुकान से भरता होगा. बाकी छुटभैया से लेकर बड़भय्या तक सबके गले और जेब, दोनों की प्यास,हर दुकान वाला बुझाता ही है. इतना सब करके वाजिब दाम पर बढ़िया क्वालिटी की शराब भी बेची जाती होगी,यह तो सिर्फ चमत्कार से ही मुमकिन है !

हरिद्वार की घटना से त्रिवेंद्र रावत सरकार सीधे सवालों के घेरे में है. इस घटना के बाद, हरिद्वार की झबरेड़ा सीट से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने बयान दिया है कि हरिद्वार में शराब माफिया का दबदबा है. सत्ताधारी पार्टी के विधायक का यह बयान तो राज्य सरकार को ही कटघरे में खड़ा करता है कि सरकार की नाक के नीचे शराब माफिया का दबदबा कैसे है?या तो सरकार कमजोर है या फिर माफिया से उसकी साँठगाँठ है ?

शराब माफिया का दबदबा होने के, विधायक के इस बयान से याद आया कि हरिद्वार में तो सुपरहीरो के तौर पर प्रचारित जिलाधिकारी दीपक रावत भी तो हैं. आये दिन इनकी हीरोगिरी के वीडियो सोशल मीडिया में दिखते रहते हैं. वीडियो देख कर ऐसा लगता है कि डी.एम.साहब छापामारी नहीं करते हैं बल्कि बाकायदा छापामारी का वीडियो शूट कराते हैं. 

लगता है कि छापेमारी में कैमरामैन भी साथ ले कर चलते हैं. यह वीडियो शूट बाजाप्ता यू ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड होता है. जहाँ ऐसा हीरो टाइप डी.एम. हो, उस जिले के बारे में सत्ताधारी पार्टी का विधायक कहना है कि वहां तो शराब माफिया का दबदबा है! क्यों भाई रावत साहब, इस शराब माफिया को देख कर हीरोगिरी का बुखार काफूर हो जाता है या फिर कलेक्टर साहब का भी कलेक्शन,यहां से होता है ?