16 वीं लोकसभा का अवसान : काफी 'सफल' रहे मोदी!

आप सोच रहे होंगे कि मोदी सरकार ने पिछले 5 साल क्या किये! तो एक बात मानकर चलिये की जिस काम के लिये मोदी आये थे उसमे सफल रहे।

16 वीं लोकसभा का अवसान हो गया। जो सरकार और लोकसभा मई तक दिखेगी उसका काम चुनाव आयोग के सहयोग से राष्ट्रीय चुनाव कराना और अगली व्यवस्था होने तक देश को शासन देना भर है।

आप सोच रहे होंगे कि मोदी सरकार ने पिछले 5 साल क्या किये! तो एक बात मानकर चलिये की जिस काम के लिये मोदी आये थे उसमे सफल रहे।

मोदी का आगमन भारतीय पूंजीतंत्र, धर्मतंत्र, पूंजीवादी मीडिया और बहुराष्ट्रीय निगमों के संयुक्त प्रयास का प्रतिफल था, जिसे एक कार्ययोजना के तहत 2014 में खूबसूरत ढंग से अंजाम दिया गया। अपार बहुमत के बल पर इसको लाने की सफलता 110 % रही। अब सवाल उठता है इसको लाने का उद्देश्य क्या था ? इसको लाने का निम्न उद्देश्य था..


  1. संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करना। कारण, बैलेंस और चेक की सारी सम्भावनाओं को दरकिनार करना।
  2. वित्तीय संस्थानों के मूल स्वरूप को नष्ट करना। कारण था पूंजी का चुने हुये लोगों के हाथ केन्द्रीयकरण।
  3. पब्लिक सेक्टर यूनिट जिसका अनुमानित मूल्य 150 लाख करोड़ से ज्यादा है, को दिन पर दिन कमज़ोर करना। कारण, आने-पौने दामों में अपने पालतू उद्योगपतियों को देना।
  4. शिक्षा, स्वास्थ्य और प्राथमिक क्षेत्र का सम्पूर्ण निजीकरण करना ताकि देशी/विदेशी मालिक खुश रहें। इस कार्य में मोदी आधे से ज्यादा सफल रहे।
  5. सेना, अर्धसैनिक बल, राज्य पुलिस का साम्प्रदायिकरण। कारण, इसके बिना अपना एजेंडा चल नहीं सकता।
  6. संविधान के मूल तत्व, जिसमे समता, न्याय और बराबरी का हक़ है, को समाप्त करना। कारण, ध्रुवीकरण ही सफलता का मूल है।

उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर सरकार का मूल्यांकन करें, मोदी 100/100 नम्बर के साथ पास।