पाकिस्तान से आई 'उरी' की एक यूनिवर्सल समीक्षा

"..उरी: दी सर्जिकल स्ट्राइक, एक बढ़िया से बनाई गई फ़िल्म है, जो कि एक कोशिश है हाईपर-देशभक्तों को यह जताने के लिए कि बॉलीवुड, राष्ट्रवादियों को संतुष्ट करने के लिए हर साल इस तरह की 10 फ़िल्में  बनाएगा, लेकिन एक आर्टिस्टिक कम्युनिटी की तरह सच बोलने के लिए, हैदर जैसी फ़िल्म एक दशक में महज एक ही बार बनेगी.."


- महवाश अजाज़
आलेख theprint.in से साभार
अनुवाद : रोहित जोशी



आम तौर पर युद्ध आधारित फ़िल्में युद्ध का महिमामंडन नहीं करती. सेविंग प्राइवेट र्यान, इन्ग्लोरियस बास्टर्ड और डंकर्क ऐसी फ़िल्में रहीं हैं जिन्हें समीक्षकों ने इसलिए सराहा क्योंकि इन फ़िल्मों में दिखाया गया था कि युद्ध में ​जीतता कोई नहीं है. साफ है, कि लेखक-डायरेक्टर आदित्य धार इस तरह नहीं सोचते. क्योंकि विशाल कौशल और यामी गौतम स्टारर उनकी फ़िल्म 'उरी: दी सर्जिकल स्ट्राइक' का एक स्पष्ट संदेश है. और यह एकमात्र संदेश है कि बदला लेने के लिए, युद्ध बढ़िया चीज़ है.

2016 में भारत की ओर से किया गया सर्जिकल स्ट्राइक एक विवाद का विषय रहा है. इसके बारे में भारत और पाकिस्तान, दोनों की ओर से परस्पर विरोधी बातें सामने आई. पाकिस्तान का कहना है कि ऐसी कोई स्ट्राइक हुई ही नहीं थी और भारत ज़ोर देकर कहता रहा है कि यह एक सफल अभियान रहा. इसका परिणाम क्या निकला? एक ऐसी बॉलीवुड फ़िल्म जिसमें पाकिस्तानियों, मुसलमानों के बारे में एक हज़ार भ्रम हैं और जो कि युद्ध, एक्स्ट्रा-ज्युडिसियल यातनाओं और बलपूर्वक स्वीकार करवाने का महिमा मंडन करती है- और यह सब ’जय हिंद’ का मंत्रोच्चार करने के लिए.

विक्की कौशल ने विहान शेरगिल का क़िरदार निभाया है, एक भारतीय जिनकी मां को एल्ज़ाइमर है और जिसके ब्रदर इन लॉ करन (मोहित रैना) 2016 के उरी हमलों में मारे गये थे. पूरी तरह बदले की भावना और आकर्षक बाइसेप्स से लैस, शेरगिल ज़ोर देते हैं कि वे बिना किसी को नुकसान पहुंचाए पाकिस्तान के ख़िलाफ़ लड़ाई जीत जाएंगे. क्यू बुलेस्ट, धमाके, एक ईगल के आकार का ड्रोन, एक थुल​थुला पंजाब लोक साउंडटैक (जिसे कि पाकिस्तान भी साझा करता है, और आपको महज यह अहसास दिलाता है कि दोनों देशों के बीच युद्ध कितना बेकार है, क्योंकि सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से हम दोनों भाई हैं.) और युद्धनाद जो युद्ध को रचते हैं.

फिल्म में पाकिस्तानियों को गैस से पीड़ित मुर्गियों की तरह दिखाया गया है. मैं मज़ाक नहीं कर रही. पाकिस्तानी अधिकारियों में से एक, जो एकदम सही उर्दू बोलता है, एंटासिड्स को गड़पता रहता है और प्रकाश की गति से डकारें मारता रहता है. मंत्रियों में से एक गोल्फिंग कर रहा है लेकिन वह एक बार भी गेंद को गड्डे में नहीं डाल पाता. ऐसा लगता है कि जैसे निर्देशक आदित्य धार कह रहे हों, ''कल्पना करें कि पॉलिसी टेबल पर इन्हें कितना अक्षम दिखना चाहिए।''

भारतीय नीति नियंता मुस्कुराते हैं और युद्ध के लिए इज़राइल के उदाहरणों का इस्तेमाल करते हैं, साथ में पाकिस्तान को बार-बार एक आतंकवादी राष्ट्र कहते हैं. फ़िल्म में कश्मीर मुद्दे और कश्मीर में मिलिटेंट ग्रुप्स क्यों भद्दी लड़ाई रहे हैं, इनके बीच नाज़ुक सा भी फ़र्क नहीं है. ​इसने मुझे ऐसी कामना करने के लिए प्रेरित किया कि इस तरह की कम फ़िल्में बनें और विशाल भारद्वाज की हैदैर जैसी अधिक.

और सबसे महत्वपूर्ण बात, सभी पाकिस्तानियों की ओर से एक गुजारिश: भारतीय लेखको और निर्देशको, क्या आप कम से कम हमारे जार्गन को सही इस्तेमाल करेंगे? मसलन, पाकिस्तानी हर वाक्य को "जनाब" के साथ शुरू और ख़त्म नहीं करते हैं. पाकिस्तान एक बहुत ही विविध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश है. पंजाब में बैठा कोई व्यक्ति कराची के किसी व्यक्ति की तरह बात नहीं करेगा. हो सकता है कि अगर आपने हमारे टीवी कंटेंट को अनबेंड किया, तो इससे आपको पाकिस्तानियों के अधिक यथार्थवादी संवाद लिखने में मदद मिलेगी.

भारत में यह चुनावी साल है और जिंगोस्टिक फ़िल्मों के निर्माण के लिए निश्चित रूप से 'जोश' अधिक है, लेकिन बॉलीवुड जैसी शक्तिशाली और प्रभावशाली इंडस्ट्री को घटिया, अति-राष्ट्रवादी फ़िल्मों का सहारा लेते देखना निराशाजनक है. इस तरह की फ़िल्में ख़ास प्रोपेगेंडा का काम करती हैं और केवल पाकिस्तान के लिए नफ़रत फ़ैलाने का उपकरण बन जाती हैं.

दुनिया में पहले से ही पर्याप्त नफ़रत फ़ैली हुई है, क्यों क्या ऐसा नहीं है?

मेरा आखिरी फ़ैसला : उरी: दी सर्जिकल स्ट्राइक, एक बढ़िया से बनाई गई फ़िल्म है, जो कि एक कोशिश है हाईपर-देशभक्तों को यह जताने के लिए कि बॉलीवुड, राष्ट्रवादियों को संतुष्ट करने के लिए हर साल इस तरह की 10 फ़िल्में  बनाएगा, लेकिन एक आर्टिस्टिक कम्युनिटी की तरह सच बोलने के लिए, हैदर जैसी फ़िल्म एक दशक में महज एक ही बार बनेगी. 


लेखक एक पाकिस्तानी उदारवादी, फैमिनिस्ट पत्रकार, 
फ़िल्म समीक्षक, यूट्यूबर, सुपरमॉम और बिरियानी की पारखी हैं. 
इनका ट्वीटर हैंडल है @mahwashajaz_