पुस्तक लोकार्पण : 'उम्मीद की निर्भयाएं'

दिल्ली गैंग रेप की झकझोर देने वाली घटना और उसकी प्रतिक्रिया में उभरे आंदोलन के उबाल ने समाज को बलात्कार के प्रति नए सिरे से विमर्श करने को मजबूर किया था। प्रगतिशील और प्रतिगामी विोचारों की भिडंत भी इस दौरान देखने को मिली। इस विमर्श में पत्रकार प्रैक्सिस ने भी अपने तईं हिस्सा लिया और एक स्पष्ट पक्षधरता के साथ कई आलेखों को प्रकाशित किया। 

इन आलेखों को पुस्तक का आकार देकर पत्रकार praxis (http://www.patrakarpraxis.com/) की पहली किताब का प्रकाशन किया गया है। नाम है 'उम्मीद की निर्भया'। आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस किताब के लोकार्पण का आयोजन किया जा रहा है।

JNU के विद्यार्थियों का इस आंदोलन में बहुत गहरा योगदान रहा है। उन्‍हीं के बीच इस किताब का लोकार्पण किया जा रहा है।

जेएनयूएसयू और जीएस कैश के सहयोग से जेएनयू फ़िल्म क्लब द्वारा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर तमिल कवित्री सलमा के जीवन संघषों पर बनी एक फिल्‍म 'सलमा' की स्क्रीनिंग के साथ ही praxis की इस किताब का लोकार्पण भी किया जाएगा। साथ ही कवित्री सलमा के कविता पाठ का आयोजन भी होना है।

आयोजन रात ९.00 बजे 'माही-मांडवी' लॉन में आयोजित किया जाएगा. 

हिन्दी में तकरीबन गैर-मौजूद इस विमर्श को इस पुस्तक के साथ सामने लाने का प्रयास ही इस किताब का मुख्य मकसद है। इस किताब के लिए लेखकों से मूल आलेखों को पुनः लिखवाया गया है। जिससे कि आलेख और समृद्ध हुए हैं। और कुछ महत्वपूर्ण लेखकों से आग्रह करके इस पुस्तक के लिए नए आलेख लिखवाए गए हैं।